देश सिवनी

कान्हा में पर्यटकों को बाघ के दीदार हो, अब टाइगर सफारी पर काम,,,

सिवनी। कान्हा पहुंचने वाले पर्यटकों को बाघ के दीदार हो सकें इसके लिए अब असहाय बूढ़े बाघों को पहले जहां वन विहार भेजा जाता था अब इसके बदले ऐसे बूढ़े बाघों को कान्हा के जंगल में ही सुरक्षित माहौल देने का कार्य शुरू कर दिया गया है। जिसके चलते यहां पहुंचने वाले पर्यटकों को अब बाघ के दीदार हो सकेंगे। कान्हा के जंगल में राज करने वाले बाघ जब असहाय हो जाते हैं और जंगल में रहने लायक नहीं बच पाते तो उन्हें वन विहार भोपाल भेज दिया जाता है। यहां उन्हें एक छोटे बाड़े में बंद होकर बाकी का जीवन गुजारना पड़ता है, लेकिन अब यह स्थिति नहीं बनेगी, क्योंकि कान्ही नेशनल पार्क प्रबंधन टाइगर सफारी तैयार कर रहा है। जहां असहाय बाघों को खुला और सुरक्षित माहौल मिल सकेगा। इससे पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा।

बुधवार 11 मार्च को कान्हा नेशनल पार्क पहुंचे सतीश तिवारी (छिंदवाड़ा), दीपिका राय, दिलीप शेंडे, सोनू गोले, पवन सोनी (अनूपपुर), राजकुमार अग्रवाल, शैलेश दुबे जबलपुर, सुमित मेहता, कैलाश मेहरा सिवनी, सुरेंद्र, रामकुमार मंगोरे, आरजी मोंगरे शहडोल आदि ने बताया कि इस प्रकार का काम सराहनीय है। उन्होंने कहा कि यहां आने वाले पर्यटकों को अगर ऐसे प्रयास से बाघ के दीदार होंगे तो पर्यटको में निराशा नहीं होगी और वे कान्हा नेशनल पार्क में बाघ के दीदार करने के लिए बार-बार आएंगे।


कान्हा में पर्यटक मुख्य रूप से बाघ को देखने पहुंचते हैं, लेकिन कई बार जंगल में सफारी के दौरान बाघ न दिखने की स्थिति में वे निराश हो जाते हैं। टाइगर सफारी के लिए बम्हनी वनपरिक्षेत्र के खुबसर गांव के जंगल का चयन किया गया है।

यहां 65 हेक्टेयर में टाइगर सफारी बनाने का कार्य किया जा रहा है, जो करीब सौ करोड़ की लागत से होगा। इसे करीब पांच फीट ऊंची बाउंड्रीवॉल से कवर किया जाएगा। बाघों के लिए आसानी से मिलने वाले शिकार का इंतजाम भी किया जाएगा इससे बाघ सुरक्षित रहने के साथ ही नैसर्गिक वातावरण में अपना जीवन गुजार सकेंगे। टाइगर सफारी की शुरुआत दो बाघों से की जाएगी इसके बाद क्षमता के अनुसार और परिस्थितियों को देखते हुए अन्य बाघ भी वहां छोड़े जाएंगे ताकि पर्यटक आसानी से बाघ देख सकें।

संतोष दुबे सिवनी मध्यप्रदेश

इस मामले में एसके सिंह, क्षेत्र संचालक कान्हा टाइगर रिजर्व ने बताया कि कमजोर, असहाय बूढ़े बाघों को अब तक वन विहार भेजा जाता था। अब ऐसे बाघों को जंगल में ही सुरक्षित माहौल देने के लिए टाइगर सफारी बनाने का कार्य किया जा रहा है। कार्य जल्द से जल्द पूरा किया जाएगा ताकि पर्यटक टाइगर सफारी का लुत्फ पर्यटक उठा सकें।

— — — — — — — — — — — — — — — — — — — — —  ताजासमाचार पढ़ने के लिए न्यूज के नीचे दिए गए वाट्सएफ जवाइन निर्देश बॉक्स में दो बार क्लिक कर ग्रुप में ज्वाइन हो सकते हैं, या 94 2462 9494 सेव कर ज्वाइन की लिंक मांग सकते हैं। संतोष दुबे सिवनी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *